कब सपनों के लिए,
सपनों का घर छोड़ दिया पता ही नहीं चला।
रूह आज भी बचपन में अटकी,
बस शरीर जवान हो गया।
गांव से चला था,
कब शहर आ गया पता ही नहीं चला।
पैदल दौड़ने वाला बच्चा कब,
बाइक, कार चलाने लगा हूं पता ही नहीं चला।
जिंदगी की हर सांस जीने वाला,
कब जिंदगी जीना भूल गया, पता ही नहीं चला।
KHET KE PAAR
तनाव से झुर्रियां पड़ी कोरों की दरार से
TIRANGA JISKI YAAD KE LIY
जिनकी दृढ़ता से उन्नत है आज हिमालय
SOCHTA HUN KAHUN
सोचता हूं कहूं वो इंकार न कर दें. .
Just Want A Happy Life
I live with depravity,
hume akele chodne ka irada kun
दोस्ती का वादा किया था।,साथ निभाने का सहारा दिया था
Hurt And Pain
Hurt and pain.
CHEN SE SO GAYA
Without You
All these days and nights without you here,
TUMKO HI SOCHTA HAUN
तुमको ही सोचता हूँ तुमको ही ढूँढता हूँ
AGAR TUM THAK JAO
Agar Thak Jaao Kabhi Toh Humse Kahna