अरूजे कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा ।
रिहा सैयाद के हाथों से अपना आशियां होगा ।।
चखायेगे मजा बरबादिये गुलशन का गुलची को ।
बहार आयेगी उस दिन जब कि अपना बागवां होगा ।।
वतन की आबरू का पास देखें कौन करता है ।
सुना है आज मकतल में हमारा इम्तहां होगा ।।
जुदा मत हो मेरे पहलू से ऐ दर्दें वतन हरगिज ।
न जाने बाद मुर्दन मैं कहां.. और तू कहां होगा ।।
यह आये दिन को छेड़ अच्छी नहीं ऐ खंजरे कातिल !
बता कब फैसला उनके हमारे दरमियां होगा ।।
शहीदों की चिताओं पर जुड़ेगें हर बरस मेले ।
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा ।।
इलाही वह भी दिन होगा जब अपना राज्य देखेंगे ।
जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा ।।
ek rishta
Suno…. Suno na!
jiwan hi hai sundarta
वह जीवन भी क्या जीवन है,जिसमें आशा का नीर नही।पथ पर आगे बढ़ना ही क्या,जब लक्ष्य
bachpan bit gaya
बचपन बीत गया लड़कपन में, जवानी बीत रही घर बनाने में,
MAN SE SWIKAR
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
Unhappy..
I want to love again,
KOI DEEWANA THA
Koi Deewana Kehta HaiKoi deewana kehta hai,koi paaga
The Terrifying Thing About Love
It is a terrifying thing
If Only Walls Cloud Talk
If only walls could talk,
Nothing Like A Fifth Grade Crush
There's nothing like a fifth-grade crush.
JINKE TYAG TAPOVAN
महके बीस गुलाब गंध बाँटे खुशहाली