MAN SE SWIKAR


Posted on 18th Feb 2020 11:16 am by sangeeta

एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )

सुनो… सुनो न!

कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें

और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !

चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!

जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!

साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं

चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं

प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है

आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!

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