भारत माँ के वीर सपूतों
के बलिदानों को हम
व्यर्थ न जानें देंगे
जाति ,धर्म के भेदभाव से
ऊपर उठकर
नया समाज बनायेंगे
क्या बापू के आदर्शों को
अपना पायें है
अंग्रजो की गुलामी से
निकल कर हम
क्या जाति, धर्म , गरीबी ,भष्टाचार
जैसे मुद्दों से लड़ पाये है
हीद सैनिको के परिवारों को
देख बिलखता
हम भी खामोश न रह पाये
मिलकर साथ आओ हमसब
करे प्रतिज्ञा आज
इस पावन गणतन्त्र दिवस पर
हम बापू के आदर्शों
को अपनाये
नया समाज बनाये
TUMSE ISHQ KARNA SIKHA HAI
मालूम है मुझे की मैं कुछ भी लिखु तुम इन शब्दों पर यकीन नहीं करोगे जो बयान करते
parwah nahi kuch dam ki
कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे,
I Am Worthy
I am worthy. There is nothing
hum unko paa na sake
Aansuon Ke Saagar Me Dil Ko Doobote hue,
Sun And Moon
You were like the sun who brought light
AB HAME NIND NAHI AATI
Ab humein neend nahi aati,
Too Careful
I don't believe in taking excess risks,
After The Party
It's getting late, I must go
NA RAAT DEKHI NA DIN
चाँद को भी हमने तुम्हारे लिए सजाया है
MAN SE SWIKAR
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )