एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
UMAR BHAR NIBHANE KA
mera sacha sathi
कहीं देखा हैं तुमने उसेजो मुझे सताया करता थाजब भी उदास होती थी मैंमुझे
A Tragic Bean Story
You told me not to fart mom,
The Whole World Adopt Indian Culture
The Beauty Of A Tree
Can there be anything more lovely
EK PAL OR HOTAY
Kaash Mere Paas Kuch Pal To Aur Hota...
KAASH KI PEHLE SAMAJH PATE
यूँ तेरी कुर्बत में जिऊंगा मैं, तू भी हैरान है ना,
Brain Food
Last night at dinner we had some fish,
Alone Together
There are gaps and walls between us,
My Lonely Show
A little bit angry through the years,