जिंदगी की आपाधापी में कब हमारी उम्र निकली पता ही नहीं चला|
कंधे पर चढ़ने वाले बच्चे कब कंधे तक आ गए पता ही नहीं चला|
किराए के घर से शुरू हुआ सफर कब अपने घर तक आ गया पता ही नहीं चला|
साइकिल के पैडल मारते हुए हाँफते थे उस वक्त, कब गाड़ियों में घूमने लगे, पता ही नहीं चला|
हरे भरे पेड़ों से भरे हुए जंगल थे तब, कब हुए कंक्रीट के पता ही नहीं चला|
कभी थे जिम्मेदारी मां बाप की हम, कब बच्चों के लिए हुए जिम्मेदार हम पता ही नहीं चला|
एक दौर था जब दिन में भी बेखबर सो जाते थे कब रातों की नींद उड़ गई पता ही नहीं चला|
BEWAJAH HUM MOHABBAT KARTE THE
Aankhein jo khuli thi to unhe apne kareeb paya naa tha
Meri Priya ki ankhen kahin se nahi
मेरी प्रिया की आँखें कहीं से नहीं है सूरज की तरह,
If Only She Knew
She has a special way
isi pal ke liye
Khokar apne aap ko Kya Koi door jaa paya hai,
Keep Safe...
No more shaking hands.
Come Fly With Me My Friend
Walk with me along the path,
ye bhi koi jiwan hai
वह देश, देश क्या है, जिसमेंलेते हों जन्म शहीद नहीं।
We're Best Friends
Like a daisy in the sun,
MAN SE SWIKAR
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
This Morning
This passionate morning