मालूम है मुझे की मैं कुछ भी लिखु तुम इन शब्दों पर यकीन नहीं करोगे जो बयान करते है मेरा इश्क़।
लेकिन यह मालूम होते हुए भी ना दीवानगी थमती है ना यह कलम और ना ही मेरा इश्क़।
यह तोह कलम की कलाकारी है की हर बार कुछ नए शब्दों में लिखती है
पर तुम्हे तोह मालूम है की यह बस एक ही बात कहती है, “बेइंतहां मोहोब्बत है मुझे तुमसे”।
ना जाने आज फिर यह मालूम होते हुए तुमसे क्यों पूछ रही है
“तुमसे इश्क़ करना सीखा है, किसी और से अब यह कैसे होगा?”
My Careless Whisper
A sparkling flame uploading your name
Brokenhearted Lover
I loved you,
Before I...
Before I became strong, I knew what it was like
Real Friendship
you have been my friend for a very long time
Why Did I Break Up With The Guy I Love?
You poison me with your eyes,
KHWABO KA PARDA
Khwabon ka parda yaha par ab,
jiwan ki dhara chalne do
जीवन की धरा को अविरल बहने दो
Quite possibly
To laugh often and much;
MAN SE SWIKAR
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
VIDHYALAY ME SABHA
विद्यालय में सभा की समाप्ति पर,