अमरपुरी से भी बढ़कर के जिसका गौरव-गान है-
तीन लोक से न्यारा अपना प्यारा हिंदुस्तान है।
गंगा, यमुना सरस्वती से सिंचित जो गत-क्लेश है।
सजला, सफला, शस्य-श्यामला जिसकी धरा विशेष है।
ज्ञान-रश्मि जिसने बिखेर कर किया विश्व-कल्याण है-
सतत-सत्य-रत, धर्म-प्राण वह अपना भारत देश है।
यहीं मिला आकार ‘ज्ञेय’ को मिली नई सौग़ात है-
इसके ‘दर्शन’ का प्रकाश ही युग के लिए विहान है।
jiwant mera prem saans leta hai
उसकी हर बात घोलती है मेरे कानों में अमृत, किन्तु,
Brighter Skies
If you awake to one more dreary day,
me fariyad karta hun
मैं लिखता हूँ,
Quite possibly
To laugh often and much;
A Day Away..
Some feelings are shallow, some feelings are deep.
Through Forever
When our eyes met
ALFAZON KI KAMI
रात की इस ख़ामोशी में
A Love Song
Let me sing you a love song
MAN SE SWIKAR
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
JO JISE MILA HUMNE WAHI SIKHA
जो जिससे मिला सिखा हमने, गैरों को भी अपनाया हमने