सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
जिन्दगी का राज-चर्चा अपने क़त्ल का
मिट गया जब मिटने वाला (अन्तिम रचना)
मुखम्मस-हैफ़ हम जिसपे कि तैयार थे मर जाने को
न चाहूँ मान दुनिया में, न चाहूँ स्वर्ग को जाना
हे मातृभूमि ! तेरे चरणों में सिर नवाऊँ
अरूज़े कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा
भारत जननि तेरी जय हो विजय हो
ऐ मातृभूमि तेरी जय हो, सदा विजय हो
बला से हमको लटकाए अगर सरकार फांसी से-तराना
देश की ख़ातिर मेरी दुनिया में यह ताबीर हो
दुनिया से गुलामी का मैं नाम मिटा दूंगा
आज़ादी-इलाही ख़ैर ! वो हरदम नई बेदाद करते हैं
देश हित पैदा हुये हैं देश पर मर जायेंगे
When You Went Away
when you went away my world turned cold and gray.
My Sweet Love
I see you in my thoughts and dreams.
TIRANGA JISKI YAAD KE LIY
जिनकी दृढ़ता से उन्नत है आज हिमालय
MERI JAAN MENE TUMSE KABHI KAHA NAHI
Main karta hun pyar tujhase bohot meri jaan
TUMKO HI SOCHTA HAUN
तुमको ही सोचता हूँ तुमको ही ढूँढता हूँ
AZADI KA ARTH
म नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
HAR PAL LARTA HAI
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है जिंदगी
mati mere desh ki
नदी, झील, झरनों की झाँकी मनमोहक है,
Words Can't Describe Feelings
Words simply can't describe
No More Sadness
It's done and it's over