सपने लेने छोड़ दिया था, लगा था तनहा सा रहने
अब तू मिली ज़िन्दगी में और तेरे सपने के सागर में लगा हूँ बहने
भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ….
चली गयी थी चेहरे की हंसी आने लगे थे दुःख
तुम मिली ज़िन्दगी में अब सच हैं सारे सुख
प्यार एक शब्दो का खेल हैं. ऐसा लगा था सबसे कहने
आज तो फिर से प्यार हो गया और लगा हूँ तेरे ख्वाबो में रहने
भरी भरी सी हैं ज़िन्दगी, भावो में बहने लगा हूँ….
bill se bahar nikla chuha
मेकअप की दुकान में ,अक्ल पे पगली लगा कर ताले
Friendship
We have been friends for not so long
zindgi hi ti hai
ज़िन्दगी ही तो है थोड़ा और सीखा देगी
MAN SE SWIKAR
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
HUM BADAL NA NAHI CHAHTE
हम राह को बदलना नहीं चाहते हैं,
meine jindagi ka sabse a6a dost paya.
Ek din jab tu meri jindagi mein aya,
I Can Be Anything You Want And Need
I can be the silence
kuch dost purane yaad ate hai
मैं यादों की किताब खोलू तो कुछ हंसते गाते चेहरे नजर आते है,
WO YAAD ATE HAI DIL MEIN
Woh yaad aaye bhulate bhulate,
Hurt By You
Why did you have to go?