कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे,
आजाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे
हटने के नहीं पीछे, डरकर कभी जुल्मों से
तुम हाथ उठाओगे, हम पैर बढ़ा देंगे
बेशस्त्र नहीं हैं हम, बल है हमें चरख़े का,
चरख़े से ज़मीं को हम, ता चर्ख़ गुंजा देंगे
परवाह नहीं कुछ दम की, ग़म की नहीं, मातम की,
है जान हथेली पर, एक दम में गंवा देंगे
उफ़ तक भी जुबां से हम हरगिज़ न निकालेंगे
तलवार उठाओ तुम, हम सर को झुका देंगे
सीखा है नया हमने लड़ने का यह तरीका
चलवाओ गन मशीनें, हम सीना अड़ा देंगे
दिलवाओ हमें फांसी, ऐलान से कहते हैं
ख़ूं से ही हम शहीदों के, फ़ौज बना देंगे
मुसाफ़िर जो अंडमान के, तूने बनाए, ज़ालिम
आज़ाद ही होने पर, हम उनको बुला लेंगे...
My Sweestest Love
No one truly knows or understands;
samaaj ki bate
भारत क्यों तेरी साँसों के, स्वर आहत से लगते हैं,
Green Colour
Green is so important
HOTON PE SACHAI REHTI HI
होठों पे सच्चाई रहती है, जहां दिल में सफ़ाई रहती है
You Will Never See Me Fall Like
You may see me struggle,
Our Love Is So Amazing
My love for you is like the raging sea,
veero ka safar
देख तेरा हौसला बुलंद अपार
My World..
Love. Is that what I crave?
PATHAR DIL
KHO GAYI HAI MANJILE, MIT GAY HAI SARE RASTE
MAN SE SWIKAR
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )