जहां तेरे पैरों के कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में भँवर पड़ा करते थे
तेरी कमर के बल पे नदी मुड़ा करती थी
हंसी को सुनके तेरी फ़सल पका करती थी
जहाँ तेरी एड़ी से धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे अब शाम रहा करती है
लटों से उलझी लिपटी रात एक हुआ करती थी
कभी कभी तकिये पे वो भी मिला करती है
Your lips so soft and red.
The thought of kissing you is stuck in my head. &n
Teri Palko Ki Chaow Me Hi Guzre Meri Raate...
Tujhse Hi Shuru Ho Tujh Pe Hi Khtam Ho Meri
meine jindagi ka sabse a6a dost paya.
Ek din jab tu meri jindagi mein aya,
laga mujhe meine ek heera hai paya…
chamak teri, y
ना जाने वो दोस्त कहां गुम हो गया जिसक
वह खून कहो किस मतलब का
जिसमें उबाल
your eyes are so dreamy
your lips are so soft
your body is so lovely
why
ये तो फ़र्ज है उम्र भर निभाने का
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
श्वेत, सर्द आनन्दमय चाँद की मोहब्बत भ
MANANE KI KHWAHISH HO YA NA HO
र लगता है तुम्हें बताने में वो जो हमा