जहां तेरे पैरों के कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में भँवर पड़ा करते थे
तेरी कमर के बल पे नदी मुड़ा करती थी
हंसी को सुनके तेरी फ़सल पका करती थी
जहाँ तेरी एड़ी से धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे अब शाम रहा करती है
लटों से उलझी लिपटी रात एक हुआ करती थी
कभी कभी तकिये पे वो भी मिला करती है
मैं मोहब्बत हूँ मोहब्बत करके देख,
हरी भरी धरती हो
नीला आसमान रहे
BHAROSA KHUD PAR RAKHO
TO TAKAT BAN JATI HAI
OR DUSRO PAR RAKHO TO&nb
tu juda hoyo par teri yaad juda naa hoi
saath tere mujhe rehna hai
tu is mo
I thought I saw you the other day
I was wrong
I thought I heard your voice
<I'm resting here quite regally,
The feature of the table.
Surrounded by potatoes
कान्हा की कला पे रीझकर भक्ति भावना
<वन्देमातरम गीत नहीं मैं मंत्र हूँ जी
Aakhir tum kyu itne dil k paas ho,
Koi to vajah jarur hai, jo tum itne khas ho.
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धन्य आज का मुक्ति-दिवस, गाओ जन-मंगल,
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