जहां तेरे पैरों के कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में भँवर पड़ा करते थे
तेरी कमर के बल पे नदी मुड़ा करती थी
हंसी को सुनके तेरी फ़सल पका करती थी
जहाँ तेरी एड़ी से धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे अब शाम रहा करती है
लटों से उलझी लिपटी रात एक हुआ करती थी
कभी कभी तकिये पे वो भी मिला करती है
म नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
आजादी क
मैं यादों का पिटारा खोलू तो, कुछ दोस्
When you proceed,
Some will say it can't be done
And that there is no need
<मज़हब जुदा सही वतन तो एक है, है फूल रंग
कब सपनों के लिए,
सपनों का घर छोड़ द
The answer lies true in my heart,
So if I tell you, will you tear it apart?
Or wi
The bond of friendship is everlasting
True friends never say good-bye
There is pu
I don't want to keep feeling this way,
Because each time I come closer, you move away.
अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं