जहां तेरे पैरों के कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में भँवर पड़ा करते थे
तेरी कमर के बल पे नदी मुड़ा करती थी
हंसी को सुनके तेरी फ़सल पका करती थी
जहाँ तेरी एड़ी से धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे अब शाम रहा करती है
लटों से उलझी लिपटी रात एक हुआ करती थी
कभी कभी तकिये पे वो भी मिला करती है
मेकअप की दुकान में ,अक्ल पे पगली लगा क
As I lay here in the dark by your side,
You bring me great love, and I feel great pride.<
ना मस्जिद खतरे में है, ना मंदिर खतरे म
Didn't want a battle,
Yet you declared war,
Each knock you gave me made me strong
इन अंधेरों में मुझे एक रौशनी सी दिखती
When I am hurt
And broken apart,
When I have no purpose in life,
You tell
अमरपुरी से भी बढ़कर के जिसका गौरव-गान
my sleeping angel
I opened my eyes and saw an angel
I took his hand and he lead m
PARIWAR HUM DO PAR HI SIMAT GAYA
जिन काले घने बालों पर इतराते थे हम कब
नदी, झील, झरनों की झाँकी मनमोहक है,