जहां तेरे पैरों के कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में भँवर पड़ा करते थे
तेरी कमर के बल पे नदी मुड़ा करती थी
हंसी को सुनके तेरी फ़सल पका करती थी
जहाँ तेरी एड़ी से धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे अब शाम रहा करती है
लटों से उलझी लिपटी रात एक हुआ करती थी
कभी कभी तकिये पे वो भी मिला करती है
Remember when we first did meet,
our hearts rejoiced and skipped a beat.
Remember
साथ हमारा हो ना हो,लेकिन मिलना तो बस म
मगर, सच तो यह है कि
प्यार तुम हो,
बस थोड़ी सी देर के लिए तुम्हारा मुझसे
Bichadi pyaar ki dhadkaney Aankhon mein nami de
Bandh raahon ki uljhan Jeene na de
<To me, you are an angel in disguise,
Full of intuition, intelligent and wise,
Alw
Chand Ko Dekhkar Bhi Subha Nhi Hoti,
Dard Ka Pinjar Bna Hai, Mera Suna Janha,
Kit
मैं अकेला कब था ,मैं था और मेरी तनहाई थ
जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती
वह खून कहो किस मतलब का
जिसमें उबाल