
चिश्ती ने जिस ज़मीं पे पैग़ामे हक़ सुनाया
नानक ने जिस चमन में बदहत का गीत गाया
तातारियों ने जिसको अपना वतन बनाया
जिसने हेजाजियों से दश्ते अरब छुड़ाया
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है
सारे जहां को जिसने इल्मो-हुनर दिया था,
यूनानियों को जिसने हैरान कर दिया था
मिट्टी को जिसकी हक़ ने ज़र का असर दिया था
तुर्कों का जिसने दामन हीरों से भर दिया था
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है
टूटे थे जो सितारे फ़ारस के आसमां से
फिर ताब दे के जिसने चमकाए कहकशां से
बदहत की लय सुनी थी दुनिया ने जिस मकां से
मीरे-अरब को आई ठण्डी हवा जहां से
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है
still hold the most space in our hearts.
And then I realized
that to be
more alive
I had to
be less
<साथ हमारा हो ना हो,लेकिन मिलना तो बस म
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
From the first lingering glance
Shared by a pair of prying hearts
To the last diz
When You Love Someone, It's Forever
When you love someone, you will do anything for them.
If the sound of your voice keeps th
तनाव से झुर्रियां पड़ी कोरों की दरार
She has a special way
Of turning around my terrible day.
She makes all the bad th
Don't look for the flaws as you go through life;
And even when you find them,
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
कैसी उठी है दिल में, शरारत नई-नई…२