
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
KYA KAHTE HAI LOG KUCH SMJH
NAHI AATA.... ULJHI HU KHUD
KI HI PAHELIY
I called you late last night
because I needed a friend.
But you, of course, didn'
my sleeping angel
I opened my eyes and saw an angel
I took his hand and he lead m
When I am without her,
the sun doesn't shine as brightly.
When I am without her,<
एक दिन हमारे मिलने का पता होगा,कोई तो
DOST JAB AAP JAISA MILA KARTA HAI
साथ अगर दो तो मुस्कायेंगे जरुर
प्
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
Walk with me along the path,
And reach up toward the sky.
I'll be right beside yo
कुमकुम से करें तिलक तेरा तु प्रीत से
चलो फिर से बच्चे बन जाते हैं
लौट कर