
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
When you love and hold me without any fear
Happiness spreads throughout the atmosphere.
I'd give all I have to stay yours,
for you are everything I adore.
You open up th
Preheat the oven of love
With plenty of secrets and hugs.
Mix in giggles and laug
जाग रहे हम वीर जवान,
दिल को किसी की आस नहीं है,
आंखों मेà¤
Look into my eyes.
Tell me what you see.
It won't be happy.
It won't be p
मोम की मानिंद, कैसे पिघल-पिघल जाते हैà¤
We knew love had no space.
No choice, but to force it into
tight space. We handle
देश की माटी देश का जल
हवा देश की देà¤
वह खून कहो किस मतलब का
जिसमें उबाल