कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है !
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!
मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है !
कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !!
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं !
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!
Meri Jaana Yaad To Tumko Meri Aati Hogi Na...?
Meri Yaado Se Kabhi Tu Bhi To Sarmati Hogi
You brought me sunshine
when I only saw rain.
You brought me laughter
whe
अमरपुरी से भी बढ़कर के जिसका गौरव-गान
कहीं तुम्हें परबत लड़वा दे, कहीं लड़ा
प्यार, एक शब्द भर होता
तो पोंछ देती
Deedar a nazar na sahi sapno me aate rahiye
Mulakaton ka silsila yoon hi chalte rahne do<
chandan se kum nahi hai mati hamare desh ki
AAJ DIL TOOTA YA MAIN PHIR SE
MALUM NAHI HAI..... HAIN KYA
KEHTA MERI YE MUJHE YE
विपदाओं से रक्षा करो – यह न मेरी प्र
दिल को किसी की आस नहीं है,
आंखों मे