पिता एक उम्मीद है, एक आस है
परिवार की हिम्मत और विश्वास है,
बाहर से सख्त अंदर से नर्म है
उसके दिल में दफन कई मर्म हैं।
पिता संघर्ष की आंधियों में हौसलों की दीवार है
परेशानियों से लड़ने को दो धारी तलवार है,
बचपन में खुश करने वाला खिलौना है
नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछौना है।
khud ko kaabil bana manjil ko apana bana…
Thak bhi gaya to 1-2 daud phir bhi laga&
भारत माँ के वीर सपूतों
के बलिदानोà¤
छुप छुप के जो तरसाया था
देखा होगा र
I start my journey on having faith
That someday I'll find my day
I know this day
As I lay here in the dark by your side,
You bring me great love, and I feel great pride.<
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
अंगारों भरी नजर से देखा नौजवान à
She tells him she loves him when she doesn't care,
all along she plays this game unfairly
हम तो आज़ाद हुए लड़कर पर
आज़ादी के