कब सपनों के लिए,
सपनों का घर छोड़ दिया पता ही नहीं चला।
रूह आज भी बचपन में अटकी,
बस शरीर जवान हो गया।
गांव से चला था,
कब शहर आ गया पता ही नहीं चला।
पैदल दौड़ने वाला बच्चा कब,
बाइक, कार चलाने लगा हूं पता ही नहीं चला।
जिंदगी की हर सांस जीने वाला,
कब जिंदगी जीना भूल गया, पता ही नहीं चला।
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है जिंदगी
You used me.
I thought you were the key,
But the truth is that you used me,
आशिकी में है बस दर्द ही दर्द खुशी क
अंगारों भरी नजर से देखा नौजवान
जिस देश में गंगा बहती है
कुछ लोग जो
Swatantrata ka samay ab aaya hai !
Uth mere veer javan uth,
Uth mere veer javan uth,
Lahlahaati is dharti me aaj,
Her long black hair blowing in the wind
I slowly kiss her soft black skin
The way
My empty, broken heart is left in the pouring rain to soak up my tears.
ये ज़िन्दगी है तेरी मेरी कहानी,
कभ
ऐ मेरे प्यारे वतन, ऐ मेरे बिछड़े चमन त