अरूजे कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा ।
रिहा सैयाद के हाथों से अपना आशियां होगा ।।
चखायेगे मजा बरबादिये गुलशन का गुलची को ।
बहार आयेगी उस दिन जब कि अपना बागवां होगा ।।
वतन की आबरू का पास देखें कौन करता है ।
सुना है आज मकतल में हमारा इम्तहां होगा ।।
जुदा मत हो मेरे पहलू से ऐ दर्दें वतन हरगिज ।
न जाने बाद मुर्दन मैं कहां.. और तू कहां होगा ।।
यह आये दिन को छेड़ अच्छी नहीं ऐ खंजरे कातिल !
बता कब फैसला उनके हमारे दरमियां होगा ।।
शहीदों की चिताओं पर जुड़ेगें हर बरस मेले ।
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा ।।
इलाही वह भी दिन होगा जब अपना राज्य देखेंगे ।
जब अपनी ही जमीं होगी और अपना आसमां होगा ।।
azadi hum hargiz hata nahi sakte
अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नह
जीने की चाह सभी को होती है सदा।
ये
Is vishad viddh-prahaar mein
Kisko nahi behna pada
I always think of you.
In my sleep,
in my dreams,
I always think of you.<
My darling, remember those days long ago,
When we both held hands through rain and snow?<
Look at the beauty in her eyes,
a glow that shines like the sunrise.
Her sm
ऐसी अटल अवस्था में भी, कल क्यों पल-पल ट
कुमकुम से करें तिलक तेरा तु प्रीत से
If you were my rose, then I'd be your sun,
painting your rainbows when the rains come.
Rain, rain, go away,
Because of you, the pain will stay.
Slit my throat, cut out