सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
जिन्दगी का राज-चर्चा अपने क़त्ल का
मिट गया जब मिटने वाला (अन्तिम रचना)
मुखम्मस-हैफ़ हम जिसपे कि तैयार थे मर जाने को
न चाहूँ मान दुनिया में, न चाहूँ स्वर्ग को जाना
हे मातृभूमि ! तेरे चरणों में सिर नवाऊँ
अरूज़े कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा
भारत जननि तेरी जय हो विजय हो
ऐ मातृभूमि तेरी जय हो, सदा विजय हो
बला से हमको लटकाए अगर सरकार फांसी से-तराना
देश की ख़ातिर मेरी दुनिया में यह ताबीर हो
दुनिया से गुलामी का मैं नाम मिटा दूंगा
आज़ादी-इलाही ख़ैर ! वो हरदम नई बेदाद करते हैं
देश हित पैदा हुये हैं देश पर मर जायेंगे
Dubkiyan sindhu mein gota khor lagaata hai
ja ja kar khaali haath laut aata hai
M
I've hunted near, I've hunted far
I even looked inside my car.
I've lost my glass
Dikha do duniya ko
Kanto jaisi raho par chalkar,
Pa lo apni manzil ko
Ek
Why Did I Break Up With The Guy I Love?
You poison me with your eyes,
Your lips curving, drawing me in.
How can you trust
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
When I am without her,
the sun doesn't shine as brightly.
When I am without her,<
A walk to remember
I wish to have with you.
By the seashore,
In the breez
बेफिक्र हो चली थी ज्योंही तुम्हारा क
दिल को किसी की आस नहीं है,
आंखों मे
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )