
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
I sit here waiting
waiting for you to see
that time is running out
come o
As long as the birds are singing,
As long as the fish can swim,
As long as the su
I am broken,
Shattered into irreparable pieces.
Who is going to save me?
क्या बात करूँ मैं लोगो की
सब आप बता
मालूम है मुझे की मैं कुछ भी लिखु तुम इ
Observing the stars,
You came into mind.
I thought about your love for me.
<एक अजनबी तुम एक अजनबी हम अनजानी राहों
वो हर नजरिया , हमने बदल दिया
जो हमस
मगर, सच तो यह है कि
प्यार तुम हो,
नव-जीवन का वैभव जाग्रत हो जनगण में,