क्या यह जरूरी है कि मेरे हाथों में
अनाज या सोने या परिधानों के महंगे उपहार हों?
ओ ! मैंने पूर्व और पश्चिम की दिशाएं छानी हैं
मेरे शरीर पर अमूल्य आभूषण रहे हैं
और इनसे मेरे टूटे गर्भ से अनेक बच्चों ने जन्म लिया है
कर्तव्य के मार्ग पर और सर्वनाश की छाया में
ये कब्रों में लगे मोतियों जैसे जमा हो गए।
वे पर्शियन तरंगों पर सोए हुए मौन हैं,
वे मिश्र की रेत पर फैले शंखों जैसे हैं,
वे पीले धनुष और बहादुर टूटे हाथों के साथ हैं
वे अचानक पैदा हो गए फूलों जैसे खिले हैं
वे फ्रांस के रक्त रंजित दलदलों में फंसे हैं
क्या मेरे आंसुओं के दर्द को तुम माप सकते हो
या मेरी घड़ी की दिशा को समझ करते हो
या मेरे हृदय की टूटन में शामिल गर्व को देख सकते हो
Overwhelming and revealing
this amazing feeling,
this ache I crave, this desire,<
किसी पेड़ की छाँव में किसी की राह त
Feels like a lifetime ago
that I loved like that.
Wanting more
and more a
विद्यालय में सभा की समाप्ति पर,
गु
You know the thing... right?
The thing that makes you feel good
The thing that ma
Sharing sorrows, sharing needs,
Sharing happiness, exchanging deeds.
These are th
ME APNI NADAIYON KO KOS RAHI THI
बेफिक्र हो चली थी ज्योंही तुम्हारा क
कभी कलम के फूल, बन अंगार ढह जाते हैं, ल
I don't get how you can't see
All the things you did to me.
If only you knew
I once knew a man who lived in a jar.
For a stranger sight, you'd have to go far.