
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
JHANDA LEHRATA RAHE YAHI ORIT RE
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
ESA DIN NA AY TUMHARE BAGAIR REHNE KA
इश्क़ किया है तुमसे तुम्हारी इबादत की
मैं लिखता हूँ,
कागज और कलम से प्यार
Childhood friends? I hope we still are.
Years have put space between us and now you seem
Sadakin bhi suni si lagti hain
Lagta hai us se mohabbat hone lagi hai
Uski yaado mein ratein guzaar deta hoon 
WO HUMDUM NAYI BEDAD KARTE HAI
इलाही ख़ैर! वो हरदम नई बेदाद करते हैं,
I called you late last night
because I needed a friend.
But you, of course, didn'
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है जिंदगी
आंखे कितनी भी छोटी क्यो ना हो !!
ताक
when you went away my world turned cold and gray.
when you wanted to leave I begged you t