
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
आज रात फिर ख़यालो में तुम हो,
आज फिर
जिस देश में गंगा बहती है
कुछ लोग जो
Eyes glare of
the unexpected
staring far too long
the person that
I come with no wrapping or pretty pink bows.
I am who I am, from my head to my toes.
दोस्ती किस तरह निभाते हैं, मेरे दुश्म
कैसे जीऊ मैं खुशहाल ज़िन्दगी
उसकी
We are often greatly bothered
By two fussy little men,
Who sometimes block our pa
You have a friend in me,
Don't try and hide your feelings because your best friend can se
Childhood friends? I hope we still are.
Years have put space between us and now you seem