गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||
सभी मनाते पर्व देश का आज़ादी की वर्षगांठ है |
वक्त है बीता धीरे धीरे साल एक और साठ है ||
बहे पवन परचम फहराता याद जिलाता जीत रे |
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||
जनता सोचे किंतु आज भी क्या वाकई आजाद हैं |
भूले मानस को दिलवाते नेता इसकी याद हैं ||
मंहगाई की मारी जनता भूल गई ये जीत रे |
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||
हमने पाई थी आज़ादी लौट गए अँगरेज़ हैं |
किंतु पीडा बंटवारे की दिल में अब भी तेज़ है ||
भाई हमारा हुआ पड़ोसी भूले सारी प्रीत रे |
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे
I'm sitting here trying to get over you.
Let's get one thing straight; I'm only 19 and tr
मैं अकेला कब था ,मैं था और मेरी तनहाई थ
The years are taking their toll.
Another birthday has now arrived.
People you mee
सुख-दुख के अफसाने का,
ये राज है सदा
Have you ever fought an ego?
It's a pretty tough thing to beat
It has no face, no
करनेवाले काम बहुत हैं व्यर्थ उलझनों
Your eyes sparkle like a light being shined on two beautiful emeralds,
When I see you wal
झुकी कमर सीधी की
माथे से पसीना पोछ
I can't tell you how much my heart hurts every day.
It's full of anger, pain, and regrets
Tumhare khwabon mein..
Aasra mil gaya hai..
Tumhare ehsaas ne..
Manzil di