
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
यह अतीत कल्पना,
यह विनीत प्रार्थन
Faasle Badhne Se Rishte Mar To Nahi Jaate...
Par Sach To Yeh Hai Ke Kuch Baaki Rehta Bhi
जीवन और शतरंज में
आता नहीं है ठहरा
Ever since
I laid eyes on you,
I knew for a fact
This was a dream come tr
SARFAROSHI KI TAMANNA HAMARE DIL ME
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में ह
It feels good to be in your arms,
to feel the warmth of your touch.
I love to loo
JHANDA LEHRATA RAHE YAHI ORIT RE
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
I look into a broken mirror,
I seek to see why I am still living.
when I look aro
तेरी दोस्ती की आदत सी पड़ गयी है मुझे,
It's getting late, I must go
I had a beer where did it go
I had to pee. I know it