भारत क्यों तेरी साँसों के, स्वर आहत से लगते हैं,
अभी जियाले परवानों में, आग बहुत-सी बाकी है।
क्यों तेरी आँखों में पानी, आकर ठहरा-ठहरा है,
जब तेरी नदियों की लहरें, डोल-डोल मदमाती हैं।
जो गुज़रा है वह तो कल था, अब तो आज की बातें हैं,
और लड़े जो बेटे तेरे, राज काज की बातें हैं,
चक्रवात पर, भूकंपों पर, कभी किसी का ज़ोर नहीं,
और चली सीमा पर गोली, सभ्य समाज की बातें हैं।
Ab humein neend nahi aati,
Bas ek dastoor hai jo nibhana padta hai,
Subah hone hi
Meri pyar mein kami kuch bhi na thi,
na jaane kyun tu begaana ho gaya.
tujhe lagt
You came as a ray of light,
Made my life cheerful and bright,
Show
To hold you close to having you near
To have my breath against your ear
Whisperin
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती
बनते बिगड़ते हालातों का
हिसाब है ज
In the night
I hear your voice,
but try to fight
to keep my noise.
<If my world were made of chocolate,
I know what I would do.
I'd make a chocolate