कुछ पल की बातें, कैसे दोस्ती में बदल ग
If I were to write a poem,
It would be a fantastic piece of art,
Many people woul
जीना हो तो मरना सीखो गूँज उठे यह नारा -
गांधी, तिलक, सुभाष, जवाहर का प्यारा यह
मोम की मानिंद, कैसे पिघल-पिघल जाते है
जाने भी दो यारों
जाने भी दो यारों
बस थोड़ी सी देर के लिए तुम्हारा मुझसे
गिरना जरूरी है
ठोकर खाना जरूरी है
Aakhir tum kyu itne dil k paas ho,
Koi to vajah jarur hai, jo tum itne khas ho.
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दोस्ती का रिस्ता होता है खास ,
जो ह