Poems On Life

KHWAAB HAI JISME

आंखे कितनी भी छोटी क्यो ना हो !!

ताक

NASEEB BADAL DE

वक्त से लड़कर जो नसीब बदल दे,

इन्सान

uchai ki taraf le jati hai

मेहनत सीढियों की तरह होती हैं,

“औ

NAA ME GIRA OR NAA MERI UMID

न मैं गिराऔर न मेरी उम्मीदों के मीनार

SUB JAGHA DHOKHA HAI

माना दुनियाँ बुरी है सब जगह धोखा है,

JIWAN KA MULYA

कोई आपके लिए रूपये खर्च करेगा तो कोई,

WO MANZAR BHI AAYENGE

रख हौसला वो मंजर भी आयेगा,

प्यासे क

MUSHKILEN ZARUR HAI

मुश्किलें जरुर है, मगर ठहरा नही हूं म

AASHIKI ME BASS

आशिकी में है बस दर्द ही दर्द  खुशी क

CHOT KHA KAR BAITHE HAI

जो चोट खाकर बैठे है वो शायर बन बैठे है<

EK AURAT KE KHILAF

उस एक औरत के खिलाफ 

दुनियादारी क

KUCH RANG ZINDAGI KE

यदि एक औरत 

अपने आत्मसम्मान के ल

DHARA SE DOOR CHAND

दूर धरा से चाँद को निहारती 

होकर

SHABNAM ROSHANI

श्वेत, सर्द आनन्दमय चाँद की मोहब्बत भ

KISSI PED KI CHHAW ME

किसी पेड़ की छाँव में  किसी की राह त

MUJHE NA BASANT BHATA HAI

मुझे न बसंत भाता है, 

 

न ही बह

FIE MILENGE

फिर मिलेंगे ये सोचकर हम दोनो तसल्ली क

Befikri ho chali

बेफिक्र हो चली थी ज्योंही तुम्हारा क

AANKHON ME NAZAR AATA HAI

तेरी आँखों में नज़र आता है स्वप्न मेरा

JIWAN KA WO MARG

मैं जब तेरे बारे में सोचती हूँ ,

फि

 

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