अमरपुरी से भी बढ़कर के जिसका गौरव-गान है-
तीन लोक से न्यारा अपना प्यारा हिंदुस्तान है।
गंगा, यमुना सरस्वती से सिंचित जो गत-क्लेश है।
सजला, सफला, शस्य-श्यामला जिसकी धरा विशेष है।
ज्ञान-रश्मि जिसने बिखेर कर किया विश्व-कल्याण है-
सतत-सत्य-रत, धर्म-प्राण वह अपना भारत देश है।
जान हथेली पर, एक दम में गंवा देंगे
चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज
धुँधली हुईं दिशाएँ, छाने लगा कुहासा,
There's a place on each road...
Where the street ends...
Well, there's one in you
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है जिंदगी
Farz hai jo umar bhar nibhana hai
सुख-दुख के अफसाने का
ये राज है सदा
Didn't want a battle,
Yet you declared war,
Each knock you gave me made me strong
I think your sweet, your smiles the best
your laugh bring flutters to my chest
yo
Mere sapne kyon tut gaye,
Wo humse kyon ruth gaye,
Dekar shila mohabbat ka mujhe,
यही है ज़िन्दगी कुछ ख़्वाब चन्द उम्म