धन्य आज का मुक्ति-दिवस, गाओ जन-मंगल,
भारत-लक्ष्मी से शोभित फिर भारत-शतदल!
तुमुल जयध्वनि करो, महात्मा गांधी की जय,
नव भारत के सुज्ञ सारथी वह नि:संशय!
राष्ट्रनायकों का हे पुन: करो अभिवादन,
जीर्ण जाति में भरा जिन्होंने नूतन जीवन!
स्वर्ण शस्य बाँधों भू-वेणी में युवती जन,
बनो वज्र प्राचीर राष्ट्र की, वीर युवकगण!
From the day that I first knew you,
Your heart was pure and kind;
Your smile was
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है जिंदगी
मेरी आँखो का हर आँसू तेरे प्यार की नि
I once knew a man who lived in a jar.
For a stranger sight, you'd have to go far.
जान हथेली पर, एक दम में गंवा देंगे
Three baby frogs grandma said not to bother
Life's Own Battle
Didn't want a battle,
Yet you declared war,
Each knock you gave me made me strong
एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
We didn't grow up together.
We didn't start as friends.
When we first got togethe
कुमकुम से करें तिलक तेरा तु प्रीत से